Header Ads Widget

Ticker

6/recent/ticker-posts

रावली भक्त्ति को दाता / ravali bhakti ko data

भजन


टेक- रावली भक्त्ति को दाता गुण कांई

जग जन एक समाना । 

के तो निज भक्ति नहीं के झुंठा बाना ॥ टेर ॥ 


1- सतगुरु भेटयां से गुण कांई 

सुधरा नहीं चेला । 

के तो निज सतगुरु नहीं 

के जो मन नहीं झेला ॥ १ ॥ 


2- पारस भेटयां रा गुण कांई 

पलट्या नीं लेवा । 

के तो निज पारस नहीं के 

जो रह गया बिछेवा ॥२ ॥ 


3- मान सरोवर को गुण कांई

जहां हंसा दुखियारा ।  

के तो निज सावर नहीं 

के भेक दारा । 


4- पुष्पवास को गुण कांई 

जहां है भंवर उदासा । 

के तो निज फलगा नहीं 

के भंवरा बे विश्वासा ॥४ ॥ 


5- दाता पति को गुण काई 

मन भर दान न दीना । 

कहे कबीर कैतो दानपति नहीं 

कै कुछ कर्मों का होना ॥ ५ ॥


रावली भक्त्ति को दाता गुण कांई

जग जन एक समाना । 

के तो निज भक्ति नहीं के झुंठा बाना ॥


आपको भजन अच्छा लगा हो या कोई त्रुटि दिखाई देती हो तो कमेंट करके जरूर बताये और blog को follow जरूर करे और आपको लिखित भजन एवं वीडियो social site पर भी मिल जायेंगे तो आप हमें वहाँ भी follow कर सकते है। 


YOU TUBE    -     भजन वीडियो

FACEBOOK   -     FOLLOW

INSTAGRAM  -    FOLLOW

TELEGRAM    -     JOIN

TELEGRAM  GROUP  -  JOIN

TWITTER       -     FOLLOW

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ