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हमें एक अचरज सूझ परे भजन लिरिक्स // hame ek acharaj sujh pare bhajan lyrics

भजन


टेक- हमें एक अचरज सूझ परे ॥ 


1- पानी में एक बिरछा ठाडी 

तामें अगन जरे । 

साका डोले पवन झकोरे 

जगमग जोत जरे ॥ १ ॥ 

हमें एक अचरज सूझ परे ॥


2- बिरछा ऊपर बहे त्रिवेणी 

तापर चढ़ असनान करे । 

गरजे घुमड़े पवन झकोरे 

कामिनि कलश भरे ॥ २॥ 

हमें एक अचरज सूझ परे ॥


3- माटी का गढ़ कोट बनाया 

तानें राह मंडे 

सूरवीर कोई नजर न आये 

नित उठि फौज लड़े ॥ ३ ॥ 

हमें एक अचरज सूझ परे ॥


4- साहेब अमर मरे नहीं कबहुं 

काहे सोच करे

कहे कबीर सुनो भाई साधो

नाहक भटक मरे ।।

हमें एक अचरज सूझ परे ॥


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