भजन
टेक- रहो आज की रैण हंसला
रहा आज की रैण ।
कोई आज की रैण का दमणा
मैं भरूं होजी ।
रेण रयो न जाय काया
ए रैण रयो ना जाय ।
हलकारा आया है मोटा
राज का होजी ॥ टेर ॥
1- रामूं लोटो यूं डोर भोली काया ए
मूं लोटो यूं डोर ।
एकण उगरा से वायर
काढ़ता हो जी ।
पड़ा रह गिया लोटा डोर काया ए
पड़ा रह गिया लोटा डोर ।
काढण हारा तो हंसला
चला गिया होजी ॥ १ ॥
2- मूं चांवल धूं मूंग भोली काया ऐ
मूं चांवल यूं मूंग ।
कोई एकण भाणा मे भेला
पुरसिया होजी ।
पड़ा रह गिया चांवल मूग
कोई जीमण हारा तो हंसला
चला गिया होजी ॥ २ ॥
3- मूं मोती धूं लाल काया ये
मूं मोती यूं लाल ।
एकण डोरा में भेला
पोदिया होजी ।
पड़ा रह गिया मोती लाल काया
ये पड़ा रहगिया मोती लाल ।
कोई पहरण हारा तो साथी
चला गिया होजी ॥ ३ ॥
4- तू दाड़म में दाख काया ये
यूं दाड़म मूं दाख ।
कोई एकण बागां में भेला
रेवता होजी
पड़ा रेगिया दाड़म दाख ।
कोई घूमण हारा तो हंसला
चला गिया होजी । 4 ॥
5- कह गया दास कबीर काया ए
कह गया दास कबीर
कोई काया हंसला के
पड़ गयो आंतरो होजी ॥ ५ ॥
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