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सन्तो शब्दई शब्द बखाना / santo shabdai shabd bakhana

भजन 


टेक - सन्तो शब्दई शब्द बखाना

शब्द फाँस फंसा सब कोई, शब्द नही पहचाना


1- प्रथम हि ब्रह्मा स्व इच्छा ते पांचो शब्द उचारा

सोहं निरंजन ररंकार शक्ति और ओंकारा।।


2- पांचो तत्व प्रकृति तीनो गुण उपजाया

लोक द्वीप चारो खान चौरासी लाख बनाया।।


3- शब्दई काल कलन्दर कहिये शब्दई भर्म भुलाया

पांच शब्द की आशा में सर्वस मूल गंवाया।।


4- शब्दई ब्रह्म प्रकाश मेट के बेठे मूंदे द्वारा

शब्दई निर्गुण शब्दई सिर्गुण शब्दई वेद पुकारा।।


5- शुद्ध ब्रह्म काया के भीतर बैठ करे स्थाना

ज्ञानी योगी पण्डित और सिद्ध शब्द में उर्झाना।।


6- पाँचई तत्व पाँच है मुद्रा काया बीच ठिकाना

जो जैसे आराधन करता सो तिहि करत बखाना।।


7- शब्द निरंजन चाचरी मुद्रा है नैनन के माँही

ताको जाने गोरख योगी महा तेज तप माँही।।


8- शब्द ओंकार भूचरी मुद्रा त्रिकुटी है स्थाना

व्यास देव ताहि पहचाना चाँद सूर्य तेहि जाना।।


9- सोहं शब्द अगोचरी मुद्रा भँवरगुफ़ा है स्थाना

सुकदेव मुनि ताहि पहचाना सुन अनहद को काना।।


10- शब्द ररंकार खेचरी मुद्रा दसवें द्वार ठिकाना

ब्रह्मा विष्णु महेश आदि लो ररंकार पहचाना।।


11- शक्ति शब्द ध्यान उनमनि मुद्रा बसे आकाश सनेही

झिलमिल 2 ज्योत दिखावे जाने जनक विदेही।।


12- पांच शब्द पांच है मुद्रा सो निश्चय कर जाना

आगे पुरुष पुरान नि: अक्षर तिनकी खबर ना जाना।।


13- नो नाथ चौरासी सिद्ध लो पांच तत्व में अटके

मुद्रा साथ रहे घट भीतर फिर औंधे मुंह लटके।।


14- पांच शब्द पांच है मुद्रा लोक द्वीप यमलाजा

कहे कबीर अक्षर के आगे नि: अक्षर का उजियाला।।


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