Header Ads Widget

Ticker

6/recent/ticker-posts

निसाणा हे रे निसाणा / nisana he re nisana

निसाणा हे रे निसाणा 


साखी 


1- चांद नहीं सूरज नहीं , हला नहीं ओंकार । 

तहाँ कबीरा संतजन कौ जाने संसार ।। 


भजन


टेक- निसाणा हे रे निसाणा हे मनवारे गगन के बीच । 

निसाणा उड़ाया ब्रहमंड बिच ।। 


1- डाबो चंदरमा ने जिमणो हे सुरज । 

दोनों के बीच चलो आना गगन के बीच ।। 

निसाणा हे रे निसाणा हे मनवारे गगन के बीच । 

निसाणा उड़ाया ब्रहमंड बिच ।। 


2- कायन का हारवा ने कायन का रोजा 

कायन का बणया धुंधकारा ॥ 

निसाणा हे रे निसाणा हे मनवारे गगन के बीच । 

निसाणा उड़ाया ब्रहमंड बिच ।। 


3- हरि का तो हारवा ने सुरता का रोजा । 

सुमरण का बणया धुंधकारा

निसाणा हे रे निसाणा हे मनवारे गगन के बीच । 

निसाणा उड़ाया ब्रहमंड बिच ।। 


4- तमरा तो बैठा साहेब कदीयन छुटे 

अनघड़ का औसारा 

निसाणा हे रे निसाणा हे मनवारे गगन के बीच । 

निसाणा उड़ाया ब्रहमंड बिच ।। 


5- मारया बाण घाव नहि तन में 

जिन लागा तिन जाना

निसाणा हे रे निसाणा हे मनवारे गगन के बीच । 

निसाणा उड़ाया ब्रहमंड बिच ।। 


6- कहे कबीर सुणो भाई साधो 

जिन जाना तिन माना गगन के बीच ।

निसाणा हे रे निसाणा हे मनवारे गगन के बीच । 

निसाणा उड़ाया ब्रहमंड बिच ।। 


आपको भजन अच्छा लगा हो या कोई त्रुटि दिखाई देती हो तो कमेंट करके जरूर बताये और blog को follow जरूर करे और आपको लिखित भजन एवं वीडियो social site पर भी मिल जायेंगे तो आप हमें वहाँ भी follow कर सकते है। 


YOU TUBE    -     भजन वीडियो

FACEBOOK   -     FOLLOW

INSTAGRAM  -    FOLLOW

TELEGRAM    -     JOIN

TELEGRAM  GROUP  -  JOIN

TWITTER       -     FOLLOW


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ