चलो मेरे हंसा चलो
साखी
1- झूठा सब संसार है , कोई ना अपण मीत ।
सतनाम को जानले , चले सो भव जलजीत ।।
भजन
टेक- चलो मेरे हंसा चलो
मेरे भाई छोड़ चला संसार रे ।
भाई बंधु थारा कुटुम्ब कबीला
कोई नी आवे थारी साथ हो ।
1- धन दौलत थारा माल खजीना
कोई ना आवे थारी काम हो
अंत समय सब छोड़ चला हो
बिसर गया सब ठाम हो ।
2- माटी में माटी मिलो हो
जल अग्नि के संग से ।
वायु नभ में ही समाणे
आकाश अपने ठाम हो ॥
3- हंसा हे वा देश का जा
जनम मरण ना होय ।
या गति को जाणहीरे
वाही संत सुजान रे ॥
4 - कबीर सब जग निर्धना
धनवंता नहीं कोय ।
धनवंता सोही जाणजे
जाके राम नाम धन होय ॥
आपको भजन अच्छा लगा हो या कोई त्रुटि दिखाई देती हो तो कमेंट करके जरूर बताये और blog को follow जरूर करे और आपको लिखित भजन एवं वीडियो social site पर भी मिल जायेंगे तो आप हमें वहाँ भी follow कर सकते है।
YOU TUBE - भजन वीडियो
FACEBOOK - FOLLOW
INSTAGRAM - FOLLOW
TELEGRAM - JOIN
TELEGRAM GROUP - JOIN
TWITTER - FOLLOW

0 टिप्पणियाँ