दुई जगदीश कहां से आया


साखी


1- तेरे हृदय राम है , ताहि न देखा जाय । 

ताको तो तब देखिये है जब दिल की दुविधा जाय । 


भजन


टेक- भई रे दुई जगदीश कहां से आया कहो कौन भरमाया ।

अल्ला , राम , करीम , केशव , हरि हजरत नाम धराया ।


1 . गहना एक कनक ते गहना , यासे भाव न दूजा । 

कहन सुनन को दुई कर थापे एक नमाज एक पूजा ॥ 


2. वहीं महादेव वहीं मुहम्मद , ब्रह्मा आदम कहिये । 

कोई हिन्दू कोई तुरक कहावे , एक जमी पर रहिये ॥ 


3 . वेद कितेब पढ़े बे कुतबा , वे मोलाना वे पांडे । 

विगत विगत के नाम धरायो , एक माटी के सब भांडे ॥ 


4 . कहै कबीर वे दोनों भूले राम किनहू न पाया । 

वेखसिया वे गाया कटावे , बादहि जनम गवाया ।


आपको भजन अच्छा लगा हो या कोई त्रुटि दिखाई देती हो तो कमेंट करके जरूर बताये और blog को follow जरूर करे और आपको लिखित भजन एवं वीडियो social site पर भी मिल जायेंगे तो आप हमें वहाँ भी follow कर सकते है। 


YOU TUBE    -     भजन वीडियो

FACEBOOK   -     FOLLOW

INSTAGRAM  -    FOLLOW

TELEGRAM    -     JOIN

TELEGRAM  GROUP  -  JOIN

TWITTER       -     FOLLOW