अमर रीजो माता धरती
भजन
टेक- अमर रीजोमाता धरती , खप गया लोग अनेक
के दाता मेरा खरी मजल रमवा की हो
करले भजन वाला हीरा , ज्ञान रंग सुन्ना
कि दाता मेरा खरी मजल रमवा की रे॥
1 . डांडी से लिपटी बेलड़ी रे अंग से लिपट रया कैश
के दाता मेरा नर से लिपट रई नारी वो ।
द्वारा नगर से घर आई वो आवे उलझ रहा संसार
के दाता मेरा गुड़ से लिपट रही माखी हो ।
करले भजन वाला हीरा ज्ञान रंग सुना
के दाता मेरी खरी मजल
2 . चारों जुग में पूरी आई वो कंई नी मिल्यो मेरो श्याम
दाता मेरा अपणा मालक ने ओलखई लो
रे करले भजन वाला हीरा ॥
ज्ञान रंग सुना , रे दाता मेरा खरी मजल रमवा कीरे ॥
3 . अष्टकमल नव पांखडीरे दशमे मिल्यो म्हारो श्याम
दाता मेरा नाभि कमल ओलखई लो
रे करलो भजन वाला हीरा ज्ञान रंग सुना ॥
रे दाता मेराखरी मजल रमवा कीरे।।
4 .भवानीनाथ जी की विनती री लागी
शब्द वाली चोट के दाता मेरा चांद सुरज दोई साखियाँ
रे करले भजन वाला हीरा ज्ञान रंग सुना हो ।
दाता मेरा खरी मजल रमवा कीरे ॥
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