भजन
टेक- घडिक म्हारा रंग महल में आय
आलम राजा निरत करे ।
बठे बाजे बिछिया की रमझोल
कायागढ़ में रमत मंडी ॥ टेर ॥
1- कौन थारा देवरा में देव
झालर कूट्यां गरज किसी ।
थारे कूटणा में लाव न सुवाद
कूटो भाई कूटो रे मती ॥ १ ॥
2- मरियोड़ा ने रोवे है संसार
रोया रीक्यां गरज किसी
थारा रोवण में लाव न सुबाद
रोवो भाई रोवो रे मती ॥२ ॥
3- थारा मायड़ला ने रंगियो नहीं लिगार
काड़ा रंगिया गरज किसी ।
थारा रंगवा में लाव न सुवाद
रंगो भाई रंगो रे मती ॥ ३ ॥
4- थारा मांयड़ाने धोयो नहीं लिगार
नाया धोया गरज किसी
धोवना में लाव न सुवाद
धोवो भाई धोवो रे मती ॥ ४ ॥
5-कौन थारे जामण जायो बीर
राखी बांदया गरज किसी ।
थारा बांदणा थारा लाव न सुवाद
बांदो भाई वांदो रे मती ॥ ५ ॥
6- कर लो थे सत गुरांजी रो साथ
सायव जी ये सब सुधरी ।
बोलो बोलो सायब कबीर
सुरता आगे नुरता खड़ी ।।
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