भजन
टेक- ए कूड़ा बोला थारो कांई पतियारो रे ॥टेर ।
1- थूं तो कयो थो थारो संग रहस्यां रे
आखिर हो गयो न्यारो रे ॥ १ ॥
2- ढंस गई नीव उखड़ गई टांटी
मांटी मांई मिल गयो गारो रे ॥ २ ॥
3- गूंद गिरी को सांठो मीठो
पेली पेली रस न्यारो रे ॥ ३ ॥
4- हात में दिवलो लेय शहर मांही फिरगो ।
नहीं मिल्यो तेल उधारो रे ॥४ ॥
5- बल गयो तेल बुझ गई बाती ।
आखिर हो गयो अन्धियारो रे ॥५ ॥
6- कहे कबीर सुनो भाई साधो
लाद चल्यो बनजारो रे ॥ ६ ॥
ए कूड़ा बोला थारो कांई पतियारो रे ॥
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