Header Ads Widget

Ticker

6/recent/ticker-posts

परम प्रभु अपने ही उर पायो भजन लिरिक्स / param prabhu apne hi ur payo bhajan lyrics

 भजन


टेक- परम प्रभु अपने ही उर पायो 

जलम जलम की मेटी कल्पना 

सतगुरु भेद बतायो ॥टेर ॥ 


1- जैसे कँवरी कटमनी भू 

जोत के मन अभलायो । 

कोई सखी ये आय बतायो

 मन को भरम मिटायो || १ | 


2- मिरगा की नाभ बसे कस्तुरी 

वन वन ढूढंत धायो । 

उलटी सुगन्ध नाक की लीनी 

सिखर होय सुख पायो ॥ २ ॥  


3- ज्यों तिरिया सपने सुत खोयो 

जायो कठे गंवायो । 

जाग पड़ी पलंग पर पायो 

न गयो न आयो ॥ ३ ॥ 


4- बांका भेद कहूं मैं कैसा 

ज्यों गूंगे गुड़ खायो । 

कहे कबीर सुनो भाई साधो 

मन ही मन मुसकायो ॥ ४ ॥


परम प्रभु अपने ही उर पायो 


आपको भजन अच्छा लगा हो या कोई त्रुटि दिखाई देती हो तो कमेंट करके जरूर बताये और blog को follow जरूर करे और आपको लिखित भजन एवं वीडियो social site पर भी मिल जायेंगे तो आप हमें वहाँ भी follow कर सकते है। 


YOU TUBE    -     भजन वीडियो

FACEBOOK   -     FOLLOW

INSTAGRAM  -    FOLLOW

TELEGRAM    -     JOIN

TELEGRAM  GROUP  -  JOIN

TWITTER       -     FOLLOW

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ