मन मस्त हुआ भजन लिरिक्स / man mast hua bhajan lyrics
कबीर भजन लिरिक्स
साखी-मन के हारे हार है मन के जीते जित
2-एजी बदरा उठा प्रेम का हम पर वर्षा होय
सिल्डी हो गई आतमा और हरी भई बनराय
भजन
मुखड़ा- मन मस्त हुआ फिर क्या बोले
मन मस्त हुआ फिर क्या बोले
क्या बोले फिर क्योँ बोले रे
ये मस्त हुआ फिर क्या बोले
मन मस्त हुआ फिर क्या बोले
मन मस्त हुआ फिर क्या बोले
1-हीरा पाया बांध गठरिया
हीरा पाया बांध गठरिया
हे बार बार वाको क्यों खोले
हे बार बार वाको क्यों खोले
मन मस्त हुआ फिर क्या बोले
2-हंसा नावे मानसरोवर
हंसा नावे मानसरोवर
हे ताल तलैया में क्यों डोले
हे ताल तलैया में क्यों डोले
मन मस्त हुआ फिर क्या बोले
3-हलकी थी जब चढ़ी तराजू
हलकी थी जब चढ़ी तराजू
हे पूरी भई तब क्या तोलै
हे पूरी भई तब क्या तोलै
मन मस्त हुआ फिर क्या बोले
4-सूरत कलालन भई मत वाली
सूरत कलालन भई मत वाली
मदवा पी गई अण तोले
मदवा पी गई अण तोले
मन मस्त हुआ फिर क्या बोले
5-कहै कबीर सुनो भाई साधो
कहै कबीर सुनो भाई साधो
हे साहिब मिल ग्या तिल ओले
हे साहिब मिल ग्या तिल ओले
मन मस्त हुआ फिर क्या बोले
मस्त हुआ फिर क्या बोले
क्या बोले फिर क्योँ बोले रे
ये मस्त हुआ फिर क्या बोले
मन मस्त हुआ फिर क्या बोले
मन मस्त हुआ फिर क्या बोले।


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